तुम्हें किसने कहा कि पेड़ छांव बेचा करते हैं।
दोस्ती में एटिटूड एक दूसरे के लिए प्यार है,
जब दो उंगलियाँ जोड़ने से दोस्ती हो जाती थी।
एक दोस्त ही था जिसने उम्मीदों का दीप जलाया।
थे तो कमीने, लेकिन रौनक भी उन्हीं से थी।
“जब भी तनहा महसूस हुआ, तेरी याद ने साथ दिया।”
दोस्ती हमारी ताकत नहीं, हुनर बन चुकी है,
“हमारी यारी में दम है, दिखावे में नहीं।”
ਪਰ ਦੋਸਤ ਜਿਹੜਾ ਰੂਹ ਨੂੰ ਛੂਹ ਜਾਵੇ, ਵਖਰਾ ਹੀ ਹੁੰਦਾ ਏ।
मैं रहूँ ना रहूँ, मेरे दोस्तों को सलामत रखना।
तेरी दोस्ती से ज्यादा सुकून कहीं नहीं,
जब तू पास होती है तो सब शराफत भूल जाती हूँ,
कुछ रिश्ते बिछड़ कर फिर कभी नहीं मिलते,
पर खड़े रहना हर किसी के Dosti Shayari बस की बात नहीं जनाब।